संविधान • सामाजिक न्याय • राष्ट्र निर्माण

हमारे बारे में

राष्ट्रीय वंचित वर्ग न्याय अधिकार परिषद एक राष्ट्रीय सामाजिक संगठन है जो समाज के वंचित वर्गों को न्याय, समान अवसर, शिक्षा, जागरूकता एवं संवैधानिक अधिकार दिलाने के उद्देश्य से पूरे भारत में कार्यरत है।

25+

राज्यों में कार्य

10000+

सदस्य

500+

सामाजिक अभियान
राष्ट्रीय अध्यक्ष

श्री विकास नरवार

राष्ट्रीय अध्यक्ष
हमारा उद्देश्य

न्याय, समानता और अधिकारों के लिए हमारी प्रतिबद्धता

राष्ट्रीय वंचित वर्ग न्याय अधिकार परिषद का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय, समान अवसर, शिक्षा, जागरूकता और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी पहुँचाना है।

सामाजिक न्याय

समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए न्याय, समानता और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना।

संवैधानिक जागरूकता

नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों और संविधान में दिए गए अधिकारों के प्रति जागरूक करना।

सशक्तिकरण

वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को जागरूक, संगठित और सशक्त बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना।

हमारी सोच

अधिकार केवल जानना नहीं, उन्हें समझना और अपनाना भी है।

हमारा विश्वास है कि जागरूक और सशक्त समाज ही न्यायपूर्ण एवं समान समाज का आधार बन सकता है। इसी सोच के साथ हम नागरिकों तक संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की जानकारी पहुँचाने का निरंतर प्रयास करते हैं।

“जागरूक नागरिक • सशक्त समाज • न्यायपूर्ण राष्ट्र”
01

संविधान के प्रति सम्मान

भारतीय संविधान के मूल्यों, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति नागरिकों में समझ एवं जागरूकता विकसित करना।

02

समान अवसर की भावना

समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान, समान अवसर और अपनी बात रखने के अधिकार के लिए प्रोत्साहित करना।

03

सामाजिक सहभागिता

जनजागरूकता, संवाद और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में कार्य करना।

हमारी प्रमुख गतिविधियाँ

समाज के लिए हमारा निरंतर प्रयास

सामाजिक न्याय, संवैधानिक जागरूकता और जनभागीदारी के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक सकारात्मक संदेश एवं आवश्यक जानकारी पहुँचाने के लिए संगठन निरंतर कार्य करता है।

01

जनजागरूकता अभियान

नागरिकों को संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों, सामाजिक न्याय और समानता के प्रति जागरूक करने के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।

02

सामाजिक सहभागिता

समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद, सहभागिता और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयास करना।

03

सामाजिक न्याय के लिए प्रयास

समानता, सम्मान और अधिकारों की भावना को मजबूत करने तथा वंचित वर्गों की आवाज़ को समाज के सामने रखने के लिए कार्य करना।

04

संवैधानिक शिक्षा एवं जागरूकता

संविधान के मूल्यों, मौलिक अधिकारों और नागरिक कर्तव्यों की जानकारी समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विकास नरवार
राष्ट्रीय अध्यक्ष

श्री विकास नरवार

राष्ट्रीय वंचित वर्ग न्याय अधिकार परिषद

संगठन का नेतृत्व

नेतृत्व जो समाज को दिशा देता है

राष्ट्रीय वंचित वर्ग न्याय अधिकार परिषद का नेतृत्व सामाजिक न्याय, संवैधानिक जागरूकता और जनभागीदारी के मूल्यों के साथ समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

हमारा प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों को समझे, अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो और एक समान एवं सम्मानजनक समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।

न्याय हर वर्ग के अधिकारों का सम्मान
समानता समान अवसर और समान सम्मान
सहभागिता समाज के साथ मिलकर सकारात्मक बदलाव

न्याय, समानता और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध

राष्ट्रीय वंचित वर्ग न्याय अधिकार परिषद का उद्देश्य समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक न्याय, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी पहुँचाना है।

संगठन जनजागरूकता, सामाजिक संवाद, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में निरंतर कार्य करता है।

संविधान एवं अधिकार जानें

सामाजिक न्याय

प्रत्येक वर्ग के लिए समान अधिकार, सम्मान और अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास।

संवैधानिक जागरूकता

नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना।

जनभागीदारी

समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य करना।

जागरूकता से सशक्तिकरण तक

समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक अधिकारों की जानकारी पहुँचाने और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए हमारा कार्य निरंतर संवाद और सहभागिता पर आधारित है।

01

जागरूकता

नागरिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों की जानकारी देना।

02

संवाद

समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना।

03

सशक्तिकरण

अधिकारों की समझ और अवसरों तक पहुँच के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करना।

हमारा संकल्प

हर नागरिक तक अधिकारों की सही जानकारी

हमारा प्रयास केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है। हम सामाजिक संवाद, जनसंपर्क और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से लोगों को अपने अधिकारों को समझने और उनके प्रति सजग बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

न्याय, समानता और सम्मान के मूल्यों के साथ निरंतर सामाजिक सहभागिता

समाज के हर वर्ग के सम्मान और अधिकार के लिए समर्पित

हमारा विश्वास है कि एक मजबूत और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक को समान अवसर, सम्मान और अपने अधिकारों की जानकारी मिले।

न्याय और समानता केवल विचार नहीं, बल्कि एक बेहतर समाज के निर्माण की आधारशिला हैं।

न्याय के प्रति प्रतिबद्धता

सामाजिक न्याय और समान अधिकारों के लिए निरंतर आवाज़ उठाना।

समान अवसर

समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान अवसर और सम्मान की भावना पहुँचाना।

अधिकारों की जानकारी

नागरिकों को संविधान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना।

सामाजिक सहभागिता

समुदायों को साथ लेकर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में कार्य करना।

समाज के लिए हमारी प्राथमिकताएँ

संगठन का प्रयास सामाजिक न्याय, संवैधानिक जागरूकता और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के माध्यम से एक अधिक जागरूक और समान समाज के निर्माण में योगदान देना है।

01

सामाजिक न्याय

समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए न्याय, समानता और सम्मान की भावना को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास।

न्याय और समानता
03

वंचित वर्गों का सशक्तिकरण

जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक जानकारी, अवसर और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से सशक्तिकरण का प्रयास।

सहभागिता और सशक्तिकरण
सामाजिक सहभागिता

न्याय और समानता की इस यात्रा में हमारे साथ जुड़ें

एक जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। आइए, सामाजिक न्याय, संवैधानिक जागरूकता और समान अवसर के लिए मिलकर आगे बढ़ें।

हमारे संवैधानिक आधार

संविधान के प्रमुख सिद्धांत एवं प्रतिबद्धताएँ

संगठन की कार्यप्रणाली न्याय, समानता, सामाजिक सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा जैसे मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

01

न्याय

समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय, समान अवसर और सम्मान दिलाने की दिशा में निरंतर प्रयास करना।

02

समानता

सभी नागरिकों के लिए समान अवसर, अधिकार और गरिमा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता।

03

सामाजिक सम्मान

वंचित एवं कमजोर वर्गों के सम्मान, अधिकार और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करना।

04

संवैधानिक अधिकार

नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उनके संरक्षण के लिए कार्य करना।